Followers

Tuesday, February 25, 2014

kala - kavita कला - कविता


ओ मेरे कलाकार 
सुन लो इस कविता कि पुकार
तुम उतारो अपने मन कि बात .......
अपनी कला में
मै कविता में कहूँगी 
अपने सारे जज्बात ........
तुम चुन - चुन रंग भरना इसमें
मै लिखूँगी शब्दों से सभी सुनहरी याद......
तुम रंगों से जान भरना
मै शब्दों में लिखूँगी हमारे दिल कि बात ....
तुम बनाना नीली चादर ओढ़े रात
मै लिखूँगी सजीले सपनों कि बात .....
तुम बनाना दो प्रेमी का जोड़ा
मै अपनी कविता से पहनाऊँगी उन्हें 
एक-दुजे के बाँहों का हार .....
तुम अपनी कला से सजाना
मेरे मन कि दिवार .....
मै अपनी कविता से करुँगी
तुम्हारे ह्रदय में झंकार ....
ओ मेरे कलाकार 
सुन लो इस कविता कि पुकार ........

26 comments:

  1. तुम बनाना नीली चादर ओढ़े रात
    सुंदर रचना

    ReplyDelete
  2. मै लिखूँगी सजीले सपनों कि बात .....
    तुम बनाना दो प्रेमी का जोड़ा

    .. वाह क्या बात प्रभावी अंदाज़ है आपकी लेखनी में रीना जी

    शभकामनाएँ
    संजय भास्कर

    ReplyDelete
  3. बहुत बढ़िया मैम


    सादर

    ReplyDelete
  4. अत्यंत सुंदर रचना रीना जी ! बहुत ही खूबसूरत अंदाज़ में अपने मनोभावों को अभिव्यक्ति दी है ! बहुत खूब !

    ReplyDelete
  5. बहुत सुन्दर रचना ...................

    ReplyDelete
  6. एक एक शब्द दिल के करीब लगे बिटिया
    हार्दिक शुभकामनायें

    ReplyDelete
  7. कविता या कला ऐसी होनी चाहिए जो सीधा-सीधा किसी के भी दिल को छू ले...यदि शब्दों और रंगों का संगम हो जाये तो फिर कहना ही क्या...सुंदर भावाभिव्यक्ति...

    ReplyDelete
  8. कला और कविता से मिलकर सजेगा सपनो का सुन्दर संसार .... बहुत सुन्दर भाव... शुभकामनाएं

    ReplyDelete
  9. इक दूजे को सुंदर उपहार ..सजे आपकी की कविता का संसार ..
    शुभकामनायें !

    ReplyDelete
  10. मन का कलाकार देखता है अपने ही रंगों से हर बात ... फिर सजा देता अहि कभी शब्दों में कभी रंगों में ...

    ReplyDelete
  11. बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति

    ReplyDelete
  12. बहुत ही सुंदर शब्दों से कलाकार और कविता को शब्दों में पिरो कर उकेरा है ... अच्छी अभिव्यक्ति ...!

    ReplyDelete
  13. बहुत खूब,सुंदर अभिव्यक्ति ...! रीना जी,

    RECENT POST - फागुन की शाम.

    ReplyDelete
  14. बहुत सुन्दर भाव... शुभकामनाएं

    ReplyDelete
  15. बहुत ही सुन्दर कविता का सृजन, आपका धन्यबाद।

    ReplyDelete
  16. महा शिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं...

    ReplyDelete
  17. महा शिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं...

    ReplyDelete
  18. अंतर्मन कि आवाज बेहतरीन अभिव्यक्ति

    ReplyDelete
  19. समय के साथ संवाद करती आपकी यह प्रस्तुित काफी सराहनीय है। मेरे नए पोस्ट DREAMS ALSO HAVE LIFE पर आपके सुझावों की आतुरता से प्रतीक्षा रहेगी।

    ReplyDelete
  20. बहुत ही सुंदर प्रस्तुति। मेरे नए पोस्ट (DREAMS ALSO HAVE LIFE) पर आपके सुझावों की प्रतीक्षा रहेगी। धन्यवाद।

    ReplyDelete
  21. एक एक शब्द दिल के करीब

    ReplyDelete

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...