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सोमवार, 13 फरवरी 2012

आ गया प्यार का मौसम



तुमसे मिलने को जी चाहता है 
दिल से दिल मिलाने को जी चाहता है 
देखो आ गया प्यार का मौसम सनम 
इस मौसम में तुम्हारे संग 
रहने को जी चाहता है 

हवाओ के संग झूमने को जी चाहता है
फूल की तरह खिलने को जी चाहता है 
खुशबू बन महकने को जी चाहता है 
देखो आ गया प्यार का मौसम सनम 
इस मौसम में तुम्हारे संग 
रहने को जी चाहता है 

होंठ से होंठ मिलाने को जी  चाहता है
होंठो की लाली चुराने को जी चाहता है
तुझमे टूट जाने को जी चाहता है
करो न तुम भी याद इस ज़माने में किसी को
तुझे इस तरह चाहू जी चाहता है
देखो आ गया प्यार का मौसम सनम 
इस मौसम में तुम्हारे संग 
रहने को जी चाहता है 


फरवरी की ठण्ड और उसपर प्यार का मौसम सनम 
आज मदहोश हो जाऊ जी चाहता है 
जलता दिया बुझाऊ जी चाहता है
बुझता दिया जलाऊ जी चाहता है 
तेरी जुल्फों में उलझ जाऊ जी चाहता है
तुझे खुद में उलझाऊ जी चाहता है 
देखो आ गया प्यार का मौसम सनम 
इस मौसम में तुम्हारे संग 
रहने को जी चाहता है 






                          


47 टिप्पणियाँ:

  1. कल 14/02/2012 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  2. जो जी चाहे करिये...रोकता कौन है...
    मौका भी है दस्तूर भी है...
    :-)
    सुन्दर रचना रीना जी....
    शुभकामनाएँ.

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  3. तेरी जुल्फों में उलझ जाऊ जी चाहता है
    तुझे खुद में उलझाऊ जी चाहता है
    ..........प्यार में उलझना भी बहुत जरूरी है
    प्रशंसनीय रचना रीना जी- बधाई

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  4. इस मौसम में तुम्हारे संग
    रहने को जी चाहता है
    ..बिल्‍कुल सच कहा बड़ी मीठी सी रचना..... :)

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  5. हवाओ के संग झुमने को जी चाहता है
    फुल की तरह खिलने को जी चाहता है
    खुशबु बन महकने को जी चाहता है
    Bahut achhi abhibaykti , basnt ka asar dikh raha hai
    Hari Attal

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  6. सुन्दर रचना रीना जी। शुभकामनाएँ । मेरे पोस्ट पर आपका स्वागत है ।

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  7. लाजवाब फोटो लगाए हैं आपने।
    कविता के भाव मन को आकर्षित करते हैं।

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  8. sab taraf valentine's day ka bharpoor asar hai .. :)
    sundar rachna

    palchhin-aditya.blogspot.in

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  9. आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा आज के चर्चा मंच पर की गई है। चर्चा में शामिल होकर इसमें शामिल पोस्ट पर नजर डालें और इस मंच को समृद्ध बनाएं.... आपकी एक टिप्पणी मंच में शामिल पोस्ट्स को आकर्षण प्रदान करेगी......

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  10. bahut accha ji ,,,,,wahhhhhhhhhhhh
    velentine ke awsar pr acchi or sundar prastuti.

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  11. सुन्दर रचना
    प्रेमदिवस की शुभकामनाये,

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  12. होंठ से होंठ मिलाने को जी चाहता है
    होंठो की लाली चुराने को जी चाहता है
    तुझमे टूट जाने को जी चाहता है
    करो न तुम भी याद इस ज़माने में किसी को
    तुझे इस तरह चाहू जी चाहता है
    देखो आ गया प्यार का मौसम सनम
    इस मौसम में तुम्हारे संग
    रहने को जी चाहता है

    WAH ...TAREEF KE SHBD KM PAD JAYENGE...PREM DIWAS PR SHUBHKAMNAYEN

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  13. बेहद खुबशुरत बहुत अच्छी रचना,सुंदर प्रस्तुति ..
    चित्र अच्छा लगा

    MY NEW POST ...कामयाबी...

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  14. प्यार का कोई मौसम नहीं होता,
    ऐसी फ़स्ल है जो कभी पकती नहीं है !

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  15. बहुत ही खूबसूरत रचना..सुंदर प्रस्तुति ..

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  16. हवाओ के संग झुमने को जी चाहता है
    फुल की तरह खिलने को जी चाहता है
    खुशबु बन महकने को जी चाहता है
    Bahut acha likha aapne..

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  17. अच्छा लगा आपके ब्लॉग पर आ कर |
    आशा

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  18. भावपूर्ण अभिव्यक्ति....सराहनीय.......
    कृपया इसे भी पढ़े-
    नेता- कुत्ता और वेश्या (भाग-2)

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  19. वाह!!!!!भावपूर्ण बहुत अच्छी अभिव्यक्ति,सराहनीय प्रस्तुति,..

    MY NEW POST ...सम्बोधन...

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  20. हवाओ के संग 'झुमने' को जी चाहता है
    'फुल' की तरह खिलने को जी चाहता है
    'खुशबु' बन महकने को जी चाहता है
    मुग्धा भाव की रचना .कृपया वर्तनी पर गौर करने .
    झूमने ,फूल ,ख़ुशबू शुद्ध रूप हैं ..अच्छी पोस्ट .बधाई .

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    उत्तर
    1. धन्यवाद सर ,,
      आपने इतने गौर से मेरी रचना को पढ़ा
      अपना समय दिया...
      ग़लतिया सुधार ली है ...:-)
      ब्लॉग पर आपका स्वागत है :-)

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  21. मधुर गीत ... जैसे प्यार की ठंडी बयार बह रही हो ... लाजवाब गीत है ...

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  22. बहुत बढ़िया,बेहतरीन अच्छी प्रस्तुति,.....

    MY NEW POST...आज के नेता...

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  23. प्रेमपगी सुंदर रचना ! बधाई

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